ऑफ़िस में दादागिरी झेल रहे लोगों को क्या-क्या ख़तरे हैं?
साल 2015 में 36 साल की सोमा घोष ने करियर सलाहकार की नई नौकरी शुरू की, लेकिन कुछ ही दिनों में उनको दफ़्तर जाने में डर लगने लगा. एक सहकर्मी उनके काम में लगातार नुक्स निकालता था, दूसरों की ग़लतियों के लिए उनको दोषी ठहराता था और अपमानित करता था. इस दादागिरी का असर हुआ और कुछ ही दिनों में घोष में चिंता और अवसाद के लक्षण दिखने लगे. उनकी सेहत बिगड़ गई, नींद उड़ गई, सर्दी और बुख़ार सताने लगा, बांह के नीचे एक गांठ उभर आया. पर्याप्त आराम के बिना लंबे समय तक काम करने के दबाव से उंगलियों, हाथों और कंधे में दर्द शुरू हो गया. शोधकर्ताओं को बहुत पहले से मालू म है कि दफ़्तरों की दादागिरी का मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है. हाल ही में स्कैंडिनेवियाई देशों के सार्वजनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद ये जाहिर होने लगा है कि धौंस जमाने का शारीरिक सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. 2018 के एक रिसर्च पेपर के लिए कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी की तियानवेई शू की अगुआई में एक दल ने स्वीडन और डेनमार्क के 80 हज़ार पुरुष और महिला कर्मचारियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया. शोधकर्ताओं ने देखा कि क्या पि...