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Showing posts from April, 2019

ईरान और अमरीका की 'लड़ाई' में पिस जाएगी सारी दुनिया?

ऐसा लग रहा है जैसे अमरीका और ईरान के बिगड़ते सम्बंधों की जद में आकर दुनिया के कई देशों के लोगों का जीना मुहाल होने वाला है. एक तरफ़ जहां अमरीका अपने सहयोगी देशों को ईरान से तेल न खरीदने पर मजबूर करके ईरान की अर्थव्यवस्था को धराशायी करना चाहता है वहीं ईरान का कहना है कि वो किसी भी हालत में झुकने वाला नहीं है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अभी भी ईरान से तेल ख़रीद रहे देशों के लिए प्रतिबंधों से रियायतें ख़त्म करने का फ़ैसला लिया है. व्हाइट हाउस का कहना है कि चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्की को दी गई छूट 2 मई को ख़त्म हो जाएगी. इसके बाद इन देशों पर भी अमरीका के प्रतिबंध लागू हो जाएंगे. अमरीका ने ये फ़ैसला ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर लाने के उद्देश्य से किया है. इसका मक़सद ईरान की सरकार के आय के मुख्य स्रोत को समाप्त करना है. इतना ही नहीं, अमरीका ने ईरान के एलीट रिवोल्यूशनरी गार्ड को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' क़रार दिया था. अमरीका पिछले साल ईरान समेत छह देशों के बीच हुई परमाणु संधि से बाहर हो गया था. राष्ट्रपति ट्रंप के इस समझौते को रद्द करने के पीछे ...

आरबीआई ने रेपो रेट 0.25% घटाई, सभी तरह के लोन सस्ते होने की उम्मीद

मुंबई. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती की है । यह 6.25% से घटकर 6% हो गई है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक खत्म होने के बाद गुरुवार को ब्याज दरों का ऐलान किया गया। एमपीसी के 6 में से 4 सदस्यों में रेट घटाने का समर्थन किया। फरवरी की समीक्षा बैठक में भी आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% की कमी की थी, जिसके बाद रेपो रेट 6.25% हो गई थी। लोन की ईएमआई कम होगी रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इसमें कमी होने से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है। इससे बैंकों के लिए भी ग्राहकों को लोन की दरें घटाने का रास्ता साफ होता है। हालांकि, पिछली बार बैंकों ने ब्याज दरों में उतनी कमी नहीं की जितनी आरबीआई ने रेपो रेट घटाई थी। चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान आरबीआई ने उम्मीद जताई है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ 7.2% रहेगी। पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में खुदरा महंगाई दर 2.9-3% के बीच रहने के आसार हैं। पिछली बार आरबीआई ने 3.2-3.4% का अनुमान जारी किया था। दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में खुदरा महंगाई दर 3.5-3.8% रह सकती है। आरबीआई ब्याज ...