राष्ट्रपति के अनुरोध पर संन्यास के बाद दोबारा कप्तान बने इमरान, टीम को वर्ल्ड चैम्पियन बनाया

खेल डेस्क. पाकिस्तान की टीम 1987 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में 6 में से 5 मैच जीत चुकी थी। उसे एक में सिर्फ हार का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में पाक को 28 रन से हरा दिया। इसके बावजूद इमरान खान की कप्तानी में टीम 8 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंच गई थी।सेमीफाइनल में मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से था। इमरान टॉस हार गए। ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में पाकिस्तान को 268 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में पाक की पूरी टीम 249 रन पर ऑलआउट हो गई। लाहौर में ऑस्ट्रेलिया 18 रन से जीतकर फाइनल में पहुंच गया।

हार के बाद इमरान खान ने संन्यास ले लिया। उनके स्थान पर अब्दुल कादिर को टीम की कमान सौंपी गई। उनके नेतृत्व में टीम 5 में 4 मैच हार गई। सिर्फ एक में जीत मिली। इंग्लैंड से सीरीज के बाद पाक को वेस्टइंडीज का दौरा करना था। तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल जिया उल हक क्रिकेट देखने के शौकीन थे। उन्होंने टीम की खराब हालत को देखते हुए इमरान से संन्यास वापस लेने के लिए कहा। इमरान ने वापसी की, लेकिन टीम वेस्टइंडीज में पांचों वनडे मैच हार गई, लेकिन टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर करा ली।

इमरान ने दो बार वर्ल्ड कप में टीम का नेतृत्व किया
इमरान की कप्तानी में पाकिस्तान की टीम 1992 वर्ल्ड कप खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड गई। इमरान दूसरी बार वर्ल्ड कप में टीम का नेतृत्व कर रहे थे। टूर्नामेंट में 10 मुकाबलों में पाक टीम को 6 में जीत मिली। तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा। एक मैच में नतीजा नहीं निकला। फाइनल में पाक ने इंग्लैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीत लिया। जिया उल हक का इमरान पर दिखाया गया विश्वास सही साबित हुआ।

देश की खातिर मैने वापसी की : इमरान
इमरान ने जिया उल हक के बारे में कहा, "मैं 1987 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले चुका था, लेकिन लगभग एक साल बाद जनरल जिया ने राष्ट्रीय चैनल के जरिए मुझसे वापसी का अनुरोध किया। टीम के लिए बुलाए गए रात्रि भोज के दौरान वे मुझे दूसरे कमरे में ले गए। मुझसे कहा कि तुम क्या करने जा रहे हो? वापसी की बात को ठुकरा कर मेरा अपमान मत करना। आपको अपने देश की खातिर वापस आने के लिए कह रहा हूं। जनरल जिया के इन बातों के बाद मैंने देश के लिए क्रिकेट में वापसी की।'

खेल डेस्क. भारत ने अपने दूसरे वार्मअप मैच में बांग्लादेश को 95 रन से हरा दिया। इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने 78 गेंद पर 113 रन की पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए। धोनी विकेट के पीछे से अक्सर फील्ड सेट करते नजर आते हैं, लेकिन इस मैच में वे बांग्लादेश के लिए फील्ड सेट करते नजर आए। उनका यह वीडियो वायरल हो रहा है।

मिड विकेट से स्क्वायर लेग पर जाने की सलाह दी
40वें ओवर में बांग्लादेश के शब्बीर गेंदबाजी करने आए। धोनी उस वक्त 60 रन पर खेल रहे थे। शब्बीर गेंदबाजी करने जा रहे थे, तभी धोनी ने उन्हें रोक दिया। धोनी स्टंप छोड़कर अलग खड़े हो गए। शब्बीर ने पूछा कि क्या हुआ तो धोनी फील्ड पर खड़े एक फील्डर को सही जगह बताने लगे। उन्होंने फील्डर को मिड विकेट से स्क्वायर लेग जाने की सलाह दी। इस पर शब्बीर भी मान गए। यह नजारा देख कमेंटेटर्स हंस पड़े। विरोधी टीम की फील्डिंग सेट करने का वीडियो देख सोशल मीडिया यूजर्स धोनी की खूब तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "वर्ल्ड कप में ऐसा अब तक नहीं देखा था। धोनी है तो मुमकिन है।"

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